मनु टाइम्स – सच्चाई की आवाज
उत्तर प्रदेश की महाराजगंज की अनुराधा पासवान इन दिनों सुर्खियों मेे है। अनुराधा पासवान उस लड़की का नाम है, जिसने अब तक 7 महीने में 25 शादी की और शादी के बाद दुल्हेे का पैसा और जेवर लूट कर भाग जाती है। इसे नाम मिला लुटेरी दुल्हन। लुटरी दुल्हन का 26 वां दूल्हा एक सिपाही बनने वाला थाए जो जाल बिछाकर उससे शादी करने वाला था। आखिरकार वह पकड़ी गई। इस समय लुटेरी दुल्हन राजस्थान के सवाई माधोपुर पुलिस की हिरासत में है।
कैसे बनी अनुराधा लुटेरी दुल्हन –
अनुराधा पासवान महाराजगंज के रूद्रपुर शिवनाथ थाना क्षेत्र का कोल्हुई बाजार की रहने वाली है। वह भोपाल में रहकर ठगी का गैंग चला रही थी। अनुराधा ने अपने पहले पति को धोखा देकर उसे छोड़कर 2018 में एक लड़के के साथ प्रेम विवाह किया। सुसराल वालो को अनुराधा का आचरण ठीक नही लगा, इसलिए उसे घर से अलग कर दिया। दोनो गांव में ही मकान लेकर रहने लगें। वही से दोनो ने शादी वाला गैंग बनाने की योजना बनाई। 2021 में दोनों पति- पत्नी गांव से बिना बताए चले गये, अपनी बेटी को भी छोड़ गये , हांलाकि अपने बेटे को साथ ले गये।

भोपाल जाकर बनाया अपना नैटवर्क-
अनुराधा और उसके पति ने मिलकर भोपाल को अपना ठिकाना बनाया। वही रहकर एक नैटवर्क तैयार किया। इस नैटवर्क में 6 सदस्य थे। ये नैटवर्क बहुत सुनियोजित तरीके से काम करता था। ये ऑनलाइन एैप के जरिया अविवहित लोगो को फसाता था। उन्हे अनुराधा की फोटो दिखा कर शादी के लिए 2 लाख रूपेय लेकर फर्जी एग्रीमेंट बनाता था। उसके बाद अनुराधा से शादी करवा देते थे। शादी के तीन दिन बाद अनुराधा परिवार वालों के खाने में नशीला पर्दाथ मिलाकर खिला देते थी , जिससे परिवार वाले बहेश हो जाते थे। उसके बाद वह गहने, और रूपेय लेकर फुर्र हो जाती थी।

विष्णु शर्मा नाम के दुल्हे की शिकायत पर राजस्थान पुलिस ने पकड़ा लुटेरी दुल्हन को –
राजस्थान के मान टाउन निवासी विष्णु शर्मा ने 3 मई को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि एक जानकार ने भोपाल में रहने वाली लड़की से शादी कराने का झांसा दिया था। शादी के लिए दो लाख रुपये लिए गए और सवाई माधोपुर कोर्ट में फर्जी एग्रीमेंट करवाकर शादी करवा दी गई। शादी के तीन दिन बाद ही युवती नकदी और गहने लेकर फरार हो गई।
इसके बाद राजस्थान पुलिस ने फर्जी शादी गैंग को पकड़ने की योजना बनाई। एक पुलिसकर्मी को शादी के इच्छुक युवक के रूप में युवती के पास भेजा गया। दूसरी ओर भोपाल में स्थानीय मुखबिरों की मदद से दबिश दी गई। गिरोह से संपर्क के दौरान एजेंट की फोटो से फरार युवती की पहचान हुई। आखिरकार पुलिस ने उसे धर दबोचा।








