बिहार के 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने मात्र 35 गेंद में 101 रन बनाकर आईपीएल क्रिकेट में रचा इतिहास

मनु टाइम्स – सच्चाई की आवाज
समाचार विक्रम राणा के द्धारा
बिहार – इतिहास के पन्नों में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखने वाले बिहार के 14 वर्षीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी ने मात्र 35 गेंद पर 101 रन बनाकर आईपीएल में सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बनकर सुर्खियां बटोरी।
उन्हें 2025 आईपीएल नीलामी में राजस्थान रॉयल्स ने एक करोड़ 10 लाख में खरीदा था । उन्होंने 13 साल की उम्र में बिहार के लिए रणजी ट्रॉफी में भी खेले थे आईपीएल के इतिहास में सबसे छोटे प्लेयर वैभव सूर्यवंशी अपनी उम्र के साथ ही अपने रिकार्ड की वजह से पहचाने जाने लगे हैं। राजस्थान रॉयल्स में शामिल वैभव का नाम अब हर क्रिकेट प्रेमी की जुबान पर है । उन्होंने गुजरात टाइटंस के खिलाफ 35 गेंद में शतक जोड़कर सभी को अपना दीवाना बना दिया।


वैभव सूर्यवंशी का सफर –
वो अब टूर्नामेंट में सबसे तेज शतक लगाने वाले भारतीय खिलाडी बन गए हैं। उनका जन्म 27 मार्च 2011 को भारत के बिहार के समस्तीपुर जिले में ताजपुर गांव में हुआ था । उन्होंने 9 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया , और 9 साल की उम्र में क्रिकेट अकादमी मे ज्वाइन हुए शुरुआत में उनके पिता संजीव सूर्यवंशी ने उन्हें कोचिंग दी ।
जब उन्हें लगा उनके बेटे को किसी अच्छे कोच की जरूरत है , तो उन्होंने अपनी पैतृक जमीन बेचकर बेटे को ट्रेनिंग करवाने के लिए पटना लेकर जाते थे । पटना से उनके गांव की दूरी लगभग 75 किलोमीटर है।


एक बिहारी सब पर भारी-    
वैभव के क्रिकेटर बनने का सपना पूरा करने के लिए पिता ने भी बहुत मेहनत की वैभव के पिता की मेहनत रंग लाई । बिहार के इंटर जिला टूर्नामेंट हेमंन ट्रॉफी में रनों की बरसात करने के बाद वैभव ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
2023 के वीनू माकड ट्रॉफी में रनों की बरसात 5 मैच में रन बनाए । इनमें एक शतक और 3 फिफ्टी यह भारत का घरेलू अंडर.19 टूर्नामेंट था । वैभव सूर्यवंशी ने अपने तीसरे ही आईपीएल मैच में वह कर दिखाया जो 18 साल के इतिहास में कोई भारतीय क्रिकेटर नहीं कर पाया
राजस्थान रॉयल्स की तरफ से खेलते हुए वैभव में गुजरात टाइटंस के खिलाफ शतक लगा कर सभी खिलाड़ियों को सोचने पर मजबूर कर दिया
खास बात यह रही की वैभव सिर्फ 14 साल के हैं और गुजरात के लिए मैच में 7 गेंदबाजों ने बोलिंग की इनमें सभी इंटरनेशनल क्रिकेट खेल चुके हैं 6 के पास तो टेस्ट खेलने का अनुभव है इसके बाद भी वैभव ने किसी को नहीं छोड़ा सबको धोया